हम बेवफ़ा नहीं हैं मित्र,
बस रास्तों में कुछ धूल थी,
कदम थके थे सफ़र से हम,
मगर नियत बिल्कुल साफ़ थी।
दिलों के बीच जो बातें थीं,
वो हवाओं में खो गईं,
पर यारी का दिया जो जलाया,
अभी तक दिल में रोशन है वही।
वक़्त ने हमको अलग किया सही,
पर यादें अब भी हमसफ़र हैं,
समझ लेना यार, दूरी मजबूरी है,
हम बेवफ़ा नहीं हैं, मित्र।